विद्यार्थियों का भविष्य सर्वोपरि: समय पर मिली अंकसूची, पढ़ाई भी रही निर्बाध,मार्कशीट विवाद पर शिक्षा विभाग का स्पष्टीकरण, कहा– छात्रों के हितों से नहीं किया गया कोई समझौता

विद्यार्थियों का भविष्य सर्वोपरि: समय पर मिली अंकसूची, पढ़ाई भी रही निर्बाध,मार्कशीट विवाद पर शिक्षा विभाग का स्पष्टीकरण, कहा– छात्रों के हितों से नहीं किया गया कोई समझौता

जशपुरनगर । जिला शिक्षा विभाग ने कक्षा 5वीं एवं 8वीं बोर्ड परीक्षा की अंकसूचियों को लेकर प्राप्त शिकायतों पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा है कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की गईं। विभाग ने स्पष्ट किया कि न तो विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई और न ही प्रवेश प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा आने दी गई।

जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित होने के बाद विद्यार्थियों के प्रवेश, अध्ययन-अध्यापन एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियाँ प्रभावित न हों, इसके लिए उपलब्ध डिजिटल परिणामों के आधार पर अस्थायी अंक विवरण उपलब्ध कराया गया था। यह केवल एक अंतरिम प्रशासनिक व्यवस्था थी, ताकि विद्यार्थियों को समय पर आवश्यक शैक्षणिक दस्तावेज मिल सकें।

उन्होंने बताया कि तकनीकी एवं मुद्रण संबंधी कारणों से मूल अंकतालिकाओं के वितरण में कुछ विलंब हुआ था, जिसे विभाग ने गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की। इसके परिणामस्वरूप 15 जून 2026 को कक्षा 5वीं एवं 8वीं बोर्ड परीक्षा की मूल अंकसूचियाँ संबंधित विद्यालयों को उपलब्ध करा दी गईं।

जिला शिक्षा अधिकारी ने शिकायतों में लगाए गए इस आरोप को भी निराधार बताया कि शिक्षक पढ़ाई छोड़कर केवल मार्कशीट तैयार करने में लगे रहे। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के प्रथम दिवस से ही जिले के सभी विद्यालयों में नियमित रूप से अध्ययन-अध्यापन संचालित होता रहा और शिक्षकों ने विद्यार्थियों के हित में अतिरिक्त प्रशासनिक दायित्वों का भी सफलतापूर्वक निर्वहन किया।

उन्होंने बताया कि जिला एवं विकासखंड स्तर पर लगातार निगरानी रखी गई तथा मूल अंकतालिकाएँ उपलब्ध होते ही उन्हें संबंधित विद्यालयों तक पहुंचाने की कार्रवाई की गई। साथ ही सभी विकासखंडों एवं विद्यालयों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि अंकसूची के अभाव में किसी भी विद्यार्थी का प्रवेश बाधित न होने पाए। आवश्यकता पड़ने पर प्रमाणित अंक विवरण भी उपलब्ध कराए गए, जिससे विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित पूरी तरह सुरक्षित रहे।

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई, प्रवेश और शैक्षणिक प्रगति को प्रभावित होने से बचाने के लिए हर स्तर पर संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य किया गया।