भाजपा ने कांग्रेस पर भर्ती और भ्रष्टाचार को लेकर साधा निशाना, कांग्रेस ने महिला सुरक्षा व हाउसिंग बोर्ड में कथित वसूली पर सरकार को घेरा
रायपुर, 10 अगस्त 2026। राजधानी रायपुर में सोमवार को भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। एक ओर भाजपा ने CGPSC-जैसे भर्ती मामलों, JPSC विवाद, सब-इंस्पेक्टर भर्ती परिणाम और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़ी चुनाव याचिका को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा, तो दूसरी ओर कांग्रेस ने राजधानी में महिला से दुष्कर्म की घटना और हाउसिंग बोर्ड में ‘आम सूचना’ के नाम पर ₹2500 लिए जाने के आरोप को लेकर सवाल उठाए। दोनों दलों के बयानों से प्रदेश की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
भाजपा का हमला—‘जहां कांग्रेस, वहां भ्रष्टाचार-घोटाला’
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने ने कांग्रेस और कांग्रेस समर्थित झारखंड मुक्ति मोर्चा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जहां कांग्रेस या उसके समर्थन वाली सरकारें रहती हैं, वहां भ्रष्टाचार और घोटाले के मामले सामने आते हैं।
उन्होंने छत्तीसगढ़ के पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल के दौरान सामने आए CGPSC भर्ती मामले का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उस समय योग्य अभ्यर्थियों के अधिकारों के साथ अन्याय हुआ। ठोकने ने इसी संदर्भ में झारखंड में JPSC भर्ती परीक्षा को लेकर उठे सवालों का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि CGPSC मामले में जांच आगे बढ़ रही है और युवाओं के साथ कथित अन्याय करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
बघेल की याचिका पर भी भाजपा का वार
भाजपा विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक बृजेश पांडेय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़े 2023 विधानसभा चुनाव के मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने को उनकी ‘नैतिक हार’ बताया।
पांडेय के अनुसार, पाटन विधानसभा चुनाव से संबंधित चुनाव याचिका की हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने मामले में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया।भाजपा ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान आचार संहिता के कथित उल्लंघन से जुड़े मामले में अब न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ है। भाजपा विधि प्रकोष्ठ ने कहा कि संबंधित मामले में न्यायिक प्रक्रिया के तहत जवाबदेही तय होनी चाहिए।
SI भर्ती परिणाम पर भी कांग्रेस को घेरा
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा ने CGPSC सब-इंस्पेक्टर भर्ती परिणाम को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों को भ्रामक बताया। भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में टिकरिहा ने अभ्यर्थियों के दस्तावेज और वीडियो प्रस्तुत करते हुए कहा कि कुछ अभ्यर्थियों के नाम को लेकर सवाल उठाए गए, जबकि आयोग के अनुसार नाम वैध दस्तावेजों के आधार पर दर्ज किए गए हैं।
उन्होंने ‘न्यूज़ कुमार प्रधान’ और ‘हे राम’ सहित अभ्यर्थियों का उदाहरण देते हुए कहा कि किसी नाम के अलग या असामान्य होने के आधार पर अभ्यर्थी की योग्यता और मेहनत पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए। टिकरिहा ने कांग्रेस नेताओं से नाम को लेकर की गई टिप्पणियों पर अभ्यर्थियों से माफी मांगने की मांग की।
भाजयुमो ने यह भी दावा किया कि लंबित एसआई भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए 971 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई, जबकि एएसआई और एसआई के 341 पदों पर नई भर्ती प्रक्रिया जारी है।
कांग्रेस का पलटवार—महिला सुरक्षा और हाउसिंग बोर्ड पर सवाल
भाजपा के आरोपों के बीच कांग्रेस ने राजधानी रायपुर के दो अलग-अलग मामलों को लेकर सवाल खड़े किए।प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने महिला से दुष्कर्म के मामले को गंभीर बताते हुए महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। कांग्रेस के अनुसार, महिला के साथ सरोना क्षेत्र में और बाद में आमापारा स्थित आर.डी. तिवारी स्कूल मैदान में दुष्कर्म की घटना सामने आई।
कांग्रेस ने घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की। कांग्रेस प्रवक्ता ने प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के आंकड़ों का हवाला देते हुए 8191 दुष्कर्म प्रकरण दर्ज होने का दावा भी किया।
हाउसिंग बोर्ड में ₹2500 वसूली के आरोप पर कांग्रेस ने मांगा हिसाब
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड में ‘आम सूचना’ प्रकाशित कराने के नाम पर लोगों से ₹2500 लिए जाने और रसीद नहीं दिए जाने का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने सवाल उठाया कि यदि ₹2500 निर्धारित शुल्क है तो उसका स्पष्ट नियम, आदेश और अधिकृत रसीद होनी चाहिए। वहीं यदि यह निर्धारित शुल्क नहीं है तो राशि किस प्रावधान के तहत ली जा रही है, इसकी जांच की जानी चाहिए।
कांग्रेस ने यह भी मांग की कि वसूली गई राशि सरकारी खाते में जमा हुई या नहीं, इसका हिसाब स्पष्ट किया जाए। पार्टी ने नियम या आदेश सार्वजनिक करने तथा अनियमितता प्रमाणित होने पर जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
भर्ती से महिला सुरक्षा तक, दोनों दलों के मुद्दे अलग-अलग
भाजपा ने जहां कांग्रेस को भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और न्यायिक मामलों के मुद्दे पर घेरा, वहीं कांग्रेस ने महिला सुरक्षा और हाउसिंग बोर्ड में कथित नकद वसूली को लेकर सवाल उठाए।
इस तरह एक ही दिन में राजधानी की राजनीति में भर्ती परीक्षा से लेकर अपराध, प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी संस्थानों की कार्यप्रणाली तक कई मुद्दों पर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने नजर आईं। अब दोनों दलों के इन आरोपों के बीच संबंधित मामलों में जांच और आधिकारिक स्तर पर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।

