आकाशीय बिजली बनी जानलेवा खतरा,जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी : बारिश, गरज-चमक और बिजली कड़कने के दौरान बरतें विशेष सावधानी, सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव,प्रभावित व्यक्ति को तुरंत 108 एम्बुलेंस या निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने की अपील

आकाशीय बिजली बनी जानलेवा खतरा,जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी :  बारिश, गरज-चमक और बिजली कड़कने के दौरान बरतें विशेष सावधानी, सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव,प्रभावित व्यक्ति को तुरंत 108 एम्बुलेंस या निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने की अपील

जशपुरनगर, 11 जुलाई 2026। मानसून के दौरान देशभर में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में वृद्धि को देखते हुए जशपुर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों के लिए विस्तृत सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने कहा है कि बारिश, तेज गरज-चमक और बिजली कड़कने के दौरान थोड़ी-सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। ऐसे मौसम में सतर्कता, समय पर सुरक्षित स्थान पर पहुंचना और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना ही सबसे प्रभावी बचाव है।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जैसे ही बादलों की तेज गर्जना सुनाई दे या बिजली चमकने लगे, तुरंत खुले स्थानों को छोड़कर किसी पक्के भवन या पूरी तरह बंद वाहन में शरण लें। खेतों, खुले मैदानों, पहाड़ी क्षेत्रों, नदी-तालाबों और अन्य जलाशयों के आसपास जाने से बचें। विशेष रूप से पेड़ों के नीचे खड़े होने या बारिश से बचने के लिए उनका सहारा लेने से बचें, क्योंकि ऐसी जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने की संभावना अधिक रहती है।

प्रशासन ने कहा कि मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट और चेतावनियों पर लगातार नजर रखें तथा अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। यदि कोई व्यक्ति खुले स्थान पर फँस जाए और तत्काल सुरक्षित भवन तक पहुँचना संभव न हो, तो दोनों पैरों को आपस में मिलाकर नीचे झुक जाएँ, सिर नीचे रखें और हाथ घुटनों पर रखें। इस दौरान जमीन पर पूरी तरह लेटने से बचें तथा आसपास मौजूद अन्य लोगों से उचित दूरी बनाए रखें।

आकाशीय बिजली से प्रभावित व्यक्ति की तुरंत करें मदद

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि आकाशीय बिजली से प्रभावित व्यक्ति को छूना पूरी तरह सुरक्षित होता है। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत 108 एम्बुलेंस सेवा को सूचना दें या घायल व्यक्ति को निकटतम स्वास्थ्य केंद्र अथवा अस्पताल पहुँचाएं। यदि प्रभावित व्यक्ति की सांस या नाड़ी नहीं चल रही हो, तो प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा तत्काल सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) शुरू किया जाए और बिना देरी के अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की जाए। समय पर प्राथमिक उपचार और चिकित्सकीय सहायता कई मामलों में जीवन बचा सकती है।

प्रशासन की महत्वपूर्ण अपील

जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि मानसून के दौरान मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लें, अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें। किसानों, ग्रामीणों, चरवाहों, वन क्षेत्रों में कार्य करने वाले लोगों तथा खुले स्थानों पर काम करने वाले श्रमिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।