नकटी विवाद के बीच एनआरडीए का बड़ा स्पष्टीकरण : तूता गांव में फिलहाल विस्थापन नहीं, केवल अतिक्रमण शिकायतों पर वैधानिक कार्रवाई, एनआरडीए ने कहा अभी सिर्फ कारण बताओ नोटिस जारी, ग्रामीणों से संवाद के बाद ही आगे होगा निर्णय

नकटी विवाद के बीच एनआरडीए का बड़ा स्पष्टीकरण : तूता गांव में फिलहाल विस्थापन नहीं, केवल अतिक्रमण शिकायतों पर वैधानिक कार्रवाई, एनआरडीए ने कहा अभी सिर्फ कारण बताओ नोटिस जारी, ग्रामीणों से संवाद के बाद ही आगे होगा निर्णय

रायपुर, 4 जुलाई। छत्तीसगढ़ की राजधानी क्षेत्र में भूमि और अतिक्रमण को लेकर बढ़ी संवेदनशीलता के बीच नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) ने ग्राम तूता को लेकर बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि गांव में किसी प्रकार की विस्थापन कार्रवाई फिलहाल प्रस्तावित नहीं है। वर्तमान में केवल प्राप्त शिकायतों के आधार पर नियमानुसार कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं और पूरी प्रक्रिया कानूनी प्रावधानों के तहत आगे बढ़ाई जा रही है।

एनआरडीए के अनुसार ग्राम तूता में अतिक्रमण संबंधी शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही थीं। इन शिकायतों के परीक्षण के लिए अधिकारियों द्वारा स्थल निरीक्षण कराया गया, जिसके बाद प्रथम चरण में संबंधित पक्षों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। प्राधिकरण ने कहा कि यह सामान्य वैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इसे किसी भी प्रकार की बेदखली या विस्थापन कार्रवाई के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

प्राधिकरण ने जानकारी दी कि 2 जुलाई 2026 को ग्राम के प्रतिनिधियों और समाज के प्रमुख पदाधिकारियों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मुलाकात कर अपनी चिंताएं रखीं। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि गांव के सभी पक्षों की संयुक्त बैठक आयोजित कर आम सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा कर ऐसा समाधान निकाला जाएगा, जिससे विकास कार्य और ग्रामीणों के हित—दोनों सुरक्षित रह सकें।

एनआरडीए ने यह भी बताया कि ग्राम पंचायत की ओर से भी समय-समय पर गांव के विभिन्न स्थानों से अतिक्रमण हटाने संबंधी पत्र प्राप्त होते रहे हैं। इन्हीं शिकायतों और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर नियमानुसार प्रारंभिक कार्रवाई की गई है।

प्राधिकरण ने दोहराया कि उसका उद्देश्य किसी भी नागरिक के साथ अन्याय करना नहीं है। हर निर्णय कानून, प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों और लोकहित को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। सभी संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा और उसके बाद ही आगे की प्रक्रिया तय होगी।

नकटी प्रकरण के बाद बढ़ी संवेदनशीलता

गौरतलब है कि हाल ही में नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी थी। ऐसे माहौल में ग्राम तूता को लेकर सोशल मीडिया पर भी विस्थापन की आशंकाएं व्यक्त की जा रही थीं। एनआरडीए के ताजा स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया है कि तूता में फिलहाल किसी भी प्रकार की विस्थापन कार्रवाई प्रस्तावित नहीं है और वर्तमान प्रक्रिया केवल शिकायतों के आधार पर जारी वैधानिक कार्रवाई तक सीमित है।