कलेक्टर रोहित व्यास की अभिनव पहल: जशपुर में विज्ञान शिक्षा को मिला नया आयाम, पुणे के वैज्ञानिकों ने शिक्षकों को सिखाए आधुनिक प्रयोग
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप ‘हैंड्स-ऑन साइंस’ पर जोर, प्रयोग आधारित शिक्षण से विद्यार्थियों में विकसित होगी वैज्ञानिक सोच
जशपुर, 11 जुलाई 2026। शिक्षा में नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में जशपुर जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए विज्ञान शिक्षकों के लिए विशेष प्रायोगिक प्रशिक्षण का आयोजन किया। कलेक्टर रोहित व्यास की पहल तथा इनोवेशन एंड साइंस प्रमोशन फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस प्रशिक्षण ने विज्ञान शिक्षा को नई दिशा देने की मजबूत पहल की है।
स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम विद्यालय, जशपुर में आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण में जिले के सभी शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के कक्षा 9वीं और 10वीं के विज्ञान शिक्षकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य विज्ञान विषय को केवल सैद्धांतिक नहीं बल्कि प्रयोग आधारित, रोचक और विद्यार्थी-केंद्रित बनाना रहा।
कार्यक्रम में पुणे से आए प्रसिद्ध वैज्ञानिक एवं इनोवेशन एंड साइंस प्रमोशन फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. प्रचेता मलिक ने अपनी चार सदस्यीय विशेषज्ञ टीम के साथ शिक्षकों को विज्ञान के विभिन्न सिद्धांतों पर आधारित व्यावहारिक प्रयोगों का प्रशिक्षण दिया। उनके साथ रोबिन पुष्प, ऋतिक झा, हेमंत मुदलियार और रुचि सिंह ठाकुर ने भी प्रशिक्षण सत्रों का संचालन किया।
ज्वाइंट कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा के मार्गदर्शन में जिले के सभी शासकीय विद्यालयों में प्रयोग आधारित अध्ययन को बढ़ावा देने की दिशा में यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में जिज्ञासा, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना है।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने डीआईवाई (Do It Yourself) गतिविधियों के माध्यम से पैराशूट, बैटरी, माइक्रोस्कोप, रेस्पिरोमीटर और स्ट्रॉ प्रोपेलर जैसे वैज्ञानिक मॉडल स्वयं तैयार किए। इसके अलावा एसिड-बेस न्यूट्रलाइजेशन रिएक्शन, कागज से ज्यामितीय आकृतियों का निर्माण तथा भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीवविज्ञान से जुड़े अनेक प्रयोगों का लाइव प्रदर्शन भी कराया गया।
विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप एक्सपीरियंशियल लर्निंग (Experiential Learning), एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग (Activity-Based Learning) और कम्पीटेंसी बेस्ड लर्निंग (Competency-Based Learning) की अवधारणाओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि प्रयोग आधारित शिक्षा विद्यार्थियों में तार्किक क्षमता, समस्या समाधान कौशल और वैज्ञानिक सोच विकसित करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को यह भी जानकारी दी गई कि उन्हें डिजिटल माध्यम से विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोगों का विस्तृत मैन्युअल उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें इलेक्ट्रोप्लेटिंग, मैग्नेटिक पेन स्टैंड, वाइब्रेटिंग मेम्ब्रेन, क्रोमैटोग्राफी, सेंट्रीफ्यूज, स्टार्च डाइजेशन, सॉइल इरोजन मॉडल तथा मैग्नेटिक फील्ड लाइंस जैसे अनेक प्रयोग शामिल होंगे, जिन्हें शिक्षक विद्यालयों में विद्यार्थियों के साथ आसानी से करा सकेंगे।
इस अवसर पर एबीईओ टुमनू गोसाई, यशस्वी जशपुर से अवनीश पांडेय, संजय दास, मास्टर ट्रेनर प्रभात मिश्रा, दीपक ग्वाला, श्रीमती मनीषा भगत सहित जिले के सभी हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के विज्ञान शिक्षक उपस्थित रहे।
हाइलाइट्स
कलेक्टर रोहित व्यास की पहल से जशपुर में विज्ञान शिक्षा को मिला नवाचार का नया मंच।
पुणे के वैज्ञानिक डॉ. प्रचेता मलिक ने कराया आधुनिक प्रयोगों का व्यावहारिक प्रशिक्षण।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रयोग आधारित और गतिविधि आधारित शिक्षण पर विशेष जोर।
जिले के सभी हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के विज्ञान शिक्षक हुए प्रशिक्षित।
विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और शोध की संस्कृति विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल।

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