स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर सख्ती: कम प्रदर्शन वाले विकासखंडों को नोटिस, रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती के निर्देश

स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर सख्ती: कम प्रदर्शन वाले विकासखंडों को नोटिस, रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती के निर्देश

रायपुर । जिले में स्वास्थ्य सेवाओं और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) कुमार बिश्वरंजन की अध्यक्षता में स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार आयोजित हुई, जिसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, आयुष्मान भारत योजना तथा पोषण कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान कई विकासखंडों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर पाए जाने पर सीईओ ने नाराजगी जताई और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को कम उपलब्धि वाले विकासखंडों के जिम्मेदार अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगली समीक्षा बैठक में पूर्व बैठक की तुलना में हुई प्रगति का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए।

बैठक में सभी नोडल अधिकारियों एवं खंड चिकित्सा अधिकारियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से गैर संचारी रोग (एनसीडी) नियंत्रण कार्यक्रम में जिले की कम उपलब्धि पर चिंता व्यक्त करते हुए टीम गठित कर अभियान चलाने को कहा गया।

सीईओ ने निजी अस्पतालों में लंबित ऑनलाइन एंट्री शीघ्र पूर्ण कराने, तकनीकी सहयोग के लिए नियमित भ्रमण एवं प्रशिक्षण आयोजित करने तथा भवन विहीन स्वास्थ्य संस्थाओं की अद्यतन जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश जिला कार्यक्रम प्रबंधक को दिए गए। साथ ही जननी सुरक्षा योजना एवं प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) वाली महिलाओं को मिलने वाली सहायता राशि का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया।

सीईओ ने जननी पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं की समयबद्ध एंट्री, यू-विन (U-WIN) पोर्टल पर टीकाकरण की ऑनलाइन प्रविष्टि तथा वेलनेस गतिविधियों सहित सभी डिजिटल रिकॉर्ड समय सीमा के भीतर अपडेट करने के निर्देश दिए।

बैठक में पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) तिल्दा में बेड ऑक्यूपेंसी कम पाए जाने पर महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को लाइन लिस्ट के आधार पर कुपोषित बच्चों को एनआरसी भेजने के निर्देश दिए गए, ताकि गंभीर कुपोषित बच्चों को समय पर उपचार और पोषण उपलब्ध कराया जा सके।

इसके अलावा आयुष्मान भारत योजना के तहत लंबित हितग्राहियों की प्रतिदिन समीक्षा करने तथा शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड एवं वय वंदना कार्ड बनाने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास सुश्री शैल ठाकुर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक मनीष कुमार मेजरवार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, नोडल अधिकारी तथा सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक का स्पष्ट संदेश रहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी राष्ट्रीय योजनाओं में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए जवाबदेही तय की जाएगी।