साय सरकार का कृषि मॉडल बना किसानों की ताकत : उन्नत बीज, वैज्ञानिक खेती और तिलहन मिशन से बढ़ेगी किसानों की आय
राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के तहत कोटमीकला के किसानों को मिला उन्नत मूंगफली बीज, आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मिल रही नई गति
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही । छत्तीसगढ़ में साय सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है। उन्नत बीज, आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक खेती के माध्यम से कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने की पहल अब ग्रामीण अंचलों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगी है। इसी कड़ी में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड के ग्राम कोटमीकला में राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन (एनएमईओ) योजना के अंतर्गत किसानों को उन्नत गुणवत्ता के मूंगफली बीज वितरित किए गए।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर, आधुनिक और लाभकारी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार की प्राथमिकता किसानों की उत्पादन लागत कम करना, बेहतर तकनीक उपलब्ध कराना और बाजार की मांग के अनुरूप फसल उत्पादन को बढ़ावा देना है। राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभरा है।
ग्राम कोटमीकला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 10 हेक्टेयर प्रदर्शन रकबे के लिए चयनित 25 किसानों को उन्नत किस्म के मूंगफली बीज वितरित किए गए। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को प्रमाणित बीजों के उपयोग से अधिक उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता प्राप्त होने की जानकारी दी।
कार्यक्रम में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अमित कुमार तंवर, कृषि विकास अधिकारी मधुसूदन, क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी तथा ग्राम पंचायत के सरपंच भंवर सिंह अर्मो की उपस्थिति में किसानों को वैज्ञानिक खेती के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत प्रशिक्षण भी दिया गया। बीज उपचार, समय पर बुवाई, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, जल संरक्षण तथा मृदा परीक्षण आधारित खेती जैसे विषयों पर किसानों को व्यवहारिक जानकारी प्रदान की गई।
कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन का उद्देश्य केवल बीज वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ते हुए तिलहनी फसलों के उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि करना भी है। इससे खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी और किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।
साय सरकार की किसान हितैषी नीतियों के कारण प्रदेश में खेती धीरे-धीरे पारंपरिक पद्धतियों से आगे बढ़कर वैज्ञानिक और व्यावसायिक स्वरूप की ओर अग्रसर हो रही है। उन्नत बीज, तकनीकी मार्गदर्शन और योजनाओं का समय पर लाभ मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिल रही है।
किसानों ने भी शासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि गुणवत्तायुक्त बीज और कृषि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी तथा खेती पहले की तुलना में अधिक लाभकारी बनेगी। कृषि विभाग ने किसानों से आधुनिक तकनीकों को अपनाने और शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने का आह्वान किया।
साय सरकार की ऐसी पहलें न केवल किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही हैं, बल्कि छत्तीसगढ़ को कृषि नवाचार और आत्मनिर्भर खेती के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में भी स्थापित कर रही हैं।

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