रायगढ़/धरमजयगढ़। रायगढ़ जिले के छाल क्षेत्र की खुली खदान में ठेका कंपनी एसकेए के खिलाफ मजदूरों की शिकायतों को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। श्रमिकों की ओर से 9 सूत्रीय शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी मयंक चतुर्वेदी ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय संयुक्त जांच दल गठित किया है। टीम को सात दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
मजदूरों ने ठेका कंपनी पर श्रम कानूनों के उल्लंघन सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक श्रमिकों से निर्धारित आठ घंटे के बजाय करीब 12 घंटे तक काम कराया जा रहा है। इसके अलावा महीने में 30 से 31 दिन लगातार काम कराने और साप्ताहिक अवकाश नहीं देने का भी आरोप लगाया गया है।
HPC दर नहीं मिलने का आरोप
श्रमिकों ने वेतन में विसंगति की शिकायत करते हुए कहा है कि एसईसीएल की ओर से बजट जारी होने के बावजूद उन्हें निर्धारित हाई पावर कमेटी (HPC) दर का लाभ नहीं दिया जा रहा है। घर से आने-जाने वाले कर्मचारियों के वेतन से कमरे और भोजन के नाम पर कथित तौर पर छह हजार रुपये तक की कटौती किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।
मजदूरों ने पे-स्लिप, सेफ्टी किट और बोनस जैसी सुविधाएं नहीं मिलने का भी आरोप लगाया है। वेतन भुगतान में पारदर्शिता की कमी और अपनी समस्याएं उठाने वाले श्रमिकों को नौकरी से निकालने की कथित धमकी का मुद्दा भी प्रशासन के सामने रखा गया है।

अन्य खदानों की भी होगी जांच
कलेक्टर के आदेश के अनुसार जांच केवल छाल की लात खुली खदान तक सीमित नहीं रहेगी। रायगढ़ जिले की अन्य खदानों में काम कर रही ठेका कंपनियों द्वारा श्रम कानूनों के पालन की भी जांच की जाएगी।
पांच सदस्यीय टीम की अध्यक्षता डिप्टी कलेक्टर शिल्पा भगत करेंगी। टीम में सहायक श्रम आयुक्त घनश्याम पाणिग्राही, उप संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा राहुल पटेल, खनिज अधिकारी रमाकांत सोनी और संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार शामिल हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

