"एक भी बच्चा न छूटे": विधायक रायमुनी भगत ने संभाली कमान, जशपुर से शुरू हुआ पोलियो के खिलाफ बड़ा जनअभियान : 1.15 लाख से अधिक बच्चों को मिलेगी सुरक्षा की दो बूंद, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के समन्वय से जशपुर बना स्वास्थ्य जागरूकता का मॉडल

"एक भी बच्चा न छूटे": विधायक रायमुनी भगत ने संभाली कमान, जशपुर से शुरू हुआ पोलियो के खिलाफ बड़ा जनअभियान :  1.15 लाख से अधिक बच्चों को मिलेगी सुरक्षा की दो बूंद, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के समन्वय से जशपुर बना स्वास्थ्य जागरूकता का मॉडल

जशपुरनगर। देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के बीच जशपुर जिले से जनस्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और जनभागीदारी का एक सशक्त संदेश सामने आया है। राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ जिला चिकित्सालय जशपुर से विधायक रायमुनी भगत ने नवजात बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाकर किया। इस अवसर पर उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे का स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

विधायक रायमुनी भगत ने कहा कि "एक भी बच्चा छूटा, सुरक्षा चक्र टूटा" केवल एक नारा नहीं बल्कि प्रत्येक परिवार और समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी अभिभावकों से 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को अनिवार्य रूप से पोलियो की खुराक पिलाने की अपील की और कहा कि स्वस्थ बचपन ही विकसित भारत की मजबूत नींव है।

राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान के तहत जिले में 28 से 30 जून तक व्यापक स्तर पर अभियान संचालित किया जा रहा है। पहले दिन सभी पोलियो बूथों में बच्चों को दवा पिलाई जा रही है, जबकि अगले दो दिनों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों तक पहुंचेंगी।

कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने अभियान की प्रभावी मॉनिटरिंग और सुपरविजन के लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया है। स्वास्थ्य, पंचायत, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, परिवहन तथा अन्य विभागों के समन्वय से अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया गया है।

जिले की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष 1,205 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। अभियान के सफल संचालन के लिए 4,464 स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानिनों की तैनाती की गई है, जबकि 224 सुपरवाइजर निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसके अतिरिक्त मेला स्थलों, बस स्टैंड, ईंट-भट्ठों तथा अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष टीमें तैनात की गई हैं ताकि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे।

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. गौरव सिंह ने बताया कि जिले में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 1 लाख 15 हजार 726 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में भारत को पोलियो मुक्त देश का प्रमाण-पत्र मिला था और इस उपलब्धि को बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा, सिविल सर्जन डॉ. कपिल कश्यप, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. गौरव सिंह, बीईटीओ मनीषा कुजूर, एएनएम अरुणा सिंह, जिला वैक्सीन मैनेजर एस.एल. सारथी सहित स्वास्थ्य विभाग के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

जशपुर में शुरू हुआ यह अभियान केवल पोलियो उन्मूलन का प्रयास नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का एक प्रभावी उदाहरण भी बनकर उभरा है। विधायक रायमुनी भगत की सक्रिय भागीदारी ने इस अभियान को जनजागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी के एक बड़े संदेश में बदल दिया है।