“तीन साल में नशे के पूरे नेटवर्क का होगा सफाया : अमित शाह का बड़ा ऐलान, 6000 करोड़ के ड्रग्स विनाश अभियान की शुरुआत”
नई दिल्ली। देश में मादक पदार्थों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक लड़ाई का ऐलान करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट संदेश दिया कि अगले तीन वर्षों में अवैध नशा कारोबार के पूरे तंत्र को इस तरह ध्वस्त किया जाएगा कि वह दशकों तक दोबारा खड़ा नहीं हो सकेगा।
शुक्रवार को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित नार्को-समन्वय केंद्र (NCORD) की 10वीं शीर्ष स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए अमित शाह ने “मादक पदार्थ नियंत्रण दृष्टि दस्तावेज़ 2026–2029” का विमोचन किया तथा ऑनलाइन मादक पदार्थ विनष्टिकरण पखवाड़ा अभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान के तहत 6,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के 2.09 लाख किलोग्राम नशीले पदार्थों को नष्ट करने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम में गृह मंत्री ने एनसीबी वार्षिक प्रतिवेदन-2025 जारी करने के साथ जम्मू और गुवाहाटी में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के नए क्षेत्रीय कार्यालयों का ई-उद्घाटन भी किया।
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी अब केवल अपराध नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक स्थिरता, आर्थिक हित और युवाओं के भविष्य पर सीधा हमला बन चुकी है। उन्होंने कहा कि तस्कर अब ड्रोन, समुद्री मार्ग, डार्क वेब, क्रिप्टोकरेंसी और पार्सल नेटवर्क जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, इसलिए सरकार भी तकनीक आधारित और खुफिया सूचना केंद्रित रणनीति अपनाएगी।
‘पहचानो–बाधित करो–ध्वस्त करो’ बनेगी राष्ट्रीय रणनीति
गृह मंत्री ने बताया कि सरकार की कार्रवाई तीन चरणों पर आधारित होगी—
01. पहचानो, बाधित करो और ध्वस्त करो।
इसके तहत मानव एवं तकनीकी खुफिया तंत्र, सामुदायिक पुलिसिंग और अपराध मानचित्रण के माध्यम से स्रोत से लेकर सरगना तक पूरे नेटवर्क को खत्म करने की योजना बनाई गई है।उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की नीति तस्करों के लिए कठोर कार्रवाई और नशे के शिकार युवाओं के लिए उपचार एवं पुनर्वास पर आधारित होगी।
चार स्तंभों पर चलेगा 2026–2029 का राष्ट्रीय रोडमैप
सरकार की नई कार्ययोजना चार प्रमुख आधारों पर केंद्रित रहेगी—
प्रवर्तन, खुफिया सूचना एवं अभियान
अग्रद्रव्य एवं सिंथेटिक ड्रग्स पर नियंत्रण
मांग में कमी, जनजागरूकता और पुनर्वास
क्षमता निर्माण, समन्वय एवं निगरानी
वित्तीय जांच और विशेष अदालतों पर फोकस
अमित शाह ने कहा कि बड़े ड्रग्स मामलों में अब अवैध संपत्ति की पहचान, जब्ती और वित्तीय जांच को प्राथमिकता दी जाएगी। राज्यों से विशेष न्यायालय बनाने और तेज अभियोजन व्यवस्था विकसित करने का भी आग्रह किया गया।
राज्यों को निर्देश: नशा तंत्र की जड़ तक पहुंचें
गृह मंत्री ने राज्यों से कहा कि सीमा क्षेत्र, बंदरगाह, हवाई अड्डे और संवेदनशील इलाकों में स्थायी और संसाधनयुक्त एंटी-नारकोटिक्स तंत्र विकसित किया जाए तथा विदेशों में छिपे तस्करों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस और प्रत्यर्पण प्रक्रिया तेज की जाए।
आंकड़ों में सरकार का दावा
गृह मंत्री के अनुसार—
2004–2014: 40 हजार करोड़ रुपये मूल्य के 26 लाख किलो मादक पदार्थ जब्त
2014–2026: 1.84 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 1.18 करोड़ किलो मादक पदार्थ जब्त
वहीं नष्ट किए गए नशीले पदार्थों का मूल्य 8,000 करोड़ से बढ़कर 89,896 करोड़ रुपये तक पहुंचने का दावा किया गया।अंत में अमित शाह ने कहा कि सरकार, राज्य एजेंसियों और समाज की संयुक्त भागीदारी से भारत को नशामुक्त और सुरक्षित बनाने का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में निर्णायक रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।

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