जब प्रशासन ने बुजुर्गों से सीखा जीवन का पाठ : प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों ने ‘सियान गुड़ी’ में समझी संवेदनशील शासन की असली परिभाषा,प्रशासनिक दक्षता के साथ मानवीय संवेदनाओं का लिया पाठ
जशपुर के डे-केयर सेंटर में वरिष्ठ नागरिकों के अनुभवों से रूबरू हुए प्रशिक्षु अधिकारी
जशपुर ।प्रशासनिक सेवाओं की वास्तविक परीक्षा केवल कार्यालयों और फाइलों तक सीमित नहीं होती, बल्कि समाज के सबसे अनुभवी और संवेदनशील वर्ग की जरूरतों को समझने में भी निहित होती है। इसी सोच को साकार करते हुए छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी, निमोरा से आए वर्ष 2025 बैच के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों ने जशपुर के भागलपुर रोड स्थित ‘सियान गुड़ी’ डे-केयर सेंटर का अवलोकन किया, जहां उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के साथ समय बिताकर जीवन, समाज और संवेदनशील प्रशासन के महत्वपूर्ण पाठ सीखे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप संचालित सियान गुड़ी वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर जीवन के लिए समर्पित एक अभिनव पहल के रूप में सामने आई है। यहां बुजुर्गों को स्वास्थ्य सेवाएं, योग, फिजियोथैरेपी, मनोरंजन, पुस्तकालय, सामाजिक सहभागिता और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण जैसी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जा रही हैं।

प्रशिक्षु अधिकारियों ने केंद्र की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों के साथ आत्मीय संवाद भी किया। इस दौरान उन्हें बुजुर्गों के जीवन अनुभवों, संघर्षों और सामाजिक आवश्यकताओं को नजदीक से समझने का अवसर मिला। अधिकारियों ने महसूस किया कि प्रभावी प्रशासन केवल नीतियों के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर रविशंकर वर्मा, निधि प्रधान, नंदनी साहू, मनीष बघेल, सौरभ दीवान, लखेश्वर यादव एवं सत्येन्द्र कुमार बंजारे ने केंद्र में उपलब्ध मनोरंजन सुविधाओं, पुस्तकालय, धार्मिक एवं प्रेरणादायी साहित्य, योग, स्वास्थ्य परीक्षण और फिजियोथैरेपी सेवाओं का अवलोकन किया तथा वरिष्ठ नागरिकों के साथ समय बिताकर उनके अनुभवों से प्रेरणा प्राप्त की।
वर्तमान में सियान गुड़ी से जिले के 105 वरिष्ठ नागरिक जुड़े हुए हैं। यहां प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक विभिन्न गतिविधियों और सेवाओं का संचालन किया जाता है। इन सुविधाओं ने बुजुर्गों को न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाया है, बल्कि उन्हें सामाजिक रूप से सक्रिय, मानसिक रूप से प्रसन्न और आत्मविश्वास से परिपूर्ण जीवन जीने का अवसर भी दिया है।
सियान गुड़ी आज केवल एक डे-केयर सेंटर नहीं, बल्कि संवेदनशील प्रशासन, सामाजिक सम्मान और वरिष्ठ नागरिकों की गरिमा को समर्पित एक प्रेरणादायी मॉडल के रूप में उभर रहा है। वहीं, प्रशिक्षु अधिकारियों का यह भ्रमण इस बात का संदेश देता है कि भविष्य का प्रशासन तभी प्रभावी होगा, जब उसमें मानवीय संवेदनाएं और समाज के प्रति आत्मीयता भी समान रूप से शामिल हों।
“प्रशासन की वास्तविक शक्ति संवेदनशीलता में निहित होती है। सियान गुड़ी जैसे केंद्र भविष्य के अधिकारियों को समाज के सबसे अनुभवी नागरिकों से सीखने का अवसर प्रदान करते हैं।”

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