उज्जैन में 139 दिवसीय विक्रमोत्सव का आज हाेगा भव्य आगाज, प्रसिद्ध कलाकार प्रीतम देंगे प्रस्तुति

उज्जैन में 139 दिवसीय विक्रमोत्सव का आज हाेगा भव्य आगाज, प्रसिद्ध कलाकार प्रीतम देंगे प्रस्तुति

उज्जैन। मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में आज रविवार को महाशिवरात्रि पर्व पर विक्रमोत्सव-2026 की भव्य औपचारिक शुरुआत होगी। इसके तहत 30 जून तक 139 दिनों तक देश और दुनिया में सांस्कृतिक, सामाजिक व आर्थिक गतिविधियों के आयोजन होंगे, जिनका साक्षी उज्जैन शहर बनेगा।

महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया कि यह महोत्सव सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों का अनूठा संगम है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में वर्ष 2006 से प्रारंभ हुआ यह आयोजन मध्य प्रदेश का प्रमुख सांस्कृतिक समारोह बन चुका है। लगभग दो दशक से आयोजित हो रहे इस उत्सव में अब तक अनेक अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार अपनी प्रस्तुतियां दे चुके हैं।

कलश यात्रा से आयोजन की शुरुआत

तिवारी ने बताया कि मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग, विक्रमादित्य शोध पीठ और जिला प्रशासन द्वारा विक्रमोत्सव का शुभारंभ प्रातः 10 बजे भव्य कलश यात्रा से होगा। यात्रा शासकीय कन्या महाविद्यालय से महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ कार्यालय तक निकाली जाएगी। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं के पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होंगी।

शाम को होगा औपचारिक शुभारंभ

उन्होंने बताया कि पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में विक्रमोत्सव का औपचारिक शुभारंभ शाम 7:30 बजे होगा। इसमें शिवनाद तथा शंख-डमरू वादन की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके बाद संगीत संध्या में प्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम, मुंबई द्वारा शिवोऽहम महादेव की आराधना प्रस्तुत की जाएगी।

विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया कि 139 दिवसीय इस महोत्सव में 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इनमें शिवरात्रि मेलों का शुभारंभ, महाकाल वन मेला, कृषि मेला, कलश यात्रा, विक्रम व्यापार मेला, संगीत, नृत्य एवं वादन, शिवोद्य, शिवपुराण, अनादि पर्व, विक्रम नाट्य समारोह, पुतुल समारोह, ‘संगीत का उद्भव’ वैचारिक समागम, चित्र प्रदर्शनियां, संगोष्ठियां, विक्रमादित्य का न्याय समागम, भारतीय इतिहास समागम, राष्ट्रीय विज्ञान समागम, वेद अंताक्षरी, कोटि सूर्योपासना, शिल्प कला कार्यशाला, प्रकाशन लोकार्पण, पौराणिक फिल्मों का अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव, बोलियों एवं हिंदी रचनाओं का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन शामिल हैं।

प्रदर्शनी में दिखेगा भारतीय परंपरा का वैभव

उन्होंने बताया कि महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ कार्यालय परिसर, विक्रम भवन एवं कालिदास अकादमी परिसर में प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमें विक्रमादित्य और अयोध्या, आर्य भारत, महाभारत कालीन अस्त्र-शस्त्र एवं चक्रव्यूह, 84 महादेव, जनजातीय देवलोक, श्रीकृष्ण प्रभात और रागमाला जैसे विषयों पर आधारित आकर्षक प्रस्तुति रहेगी। आयोजकों के अनुसार यह प्रदर्शनी युवाओं और शोधार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी रहेगी।

विक्रम व्यापार मेला भी रहेगा मुख्य आकर्षण

इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में 15 फरवरी से 19 मार्च तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से विक्रम व्यापार मेला आयोजित होगा। मेले में वाहन विक्रय स्टॉल, इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों की बिक्री, बैंक फाइनेंस सुविधा, क्षेत्रीय कला एवं शिल्प प्रदर्शनियां, पारंपरिक हस्तशिल्प बाजार, हस्तकरघा एवं टेक्सटाइल, देशी व्यंजन, जैसी गतिविधियां रहेंगी, जो शहरवासियों और पर्यटकों को आकर्षित करेंगी। विक्रम व्‍यापार मेले में ऑटोमोबाईल खरीद पर 50 प्रतिशत की रोड टैक्‍स में छुट दी जाएगी।

महाभारत प्रदर्शनी पहली बार, बेहद खास

श्रीराम तिवारी ने बताया कि शोध पीठ कार्यालय में महाभारत पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। उज्जैन में इस प्रकार की प्रदर्शनी पहली बार लगाई गई है, जिससे शहरवासियों और श्रद्धालुओं में खास आकर्षण रहेगी। यह प्रदर्शनी महाभारत काल से जुड़ी रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी प्रदान करती है। इसमें उस युग में प्रयुक्त विभिन्न अस्त्र-शस्त्रों की प्रतिकृतियां आकर्षक ढंग से प्रदर्शित की गई हैं, जिनके साथ उनकी विस्तृत जानकारी भी दी गई है। प्रदर्शनी के एक विशेष खंड में महाभारत युद्ध की विभिन्न व्यूह रचनाओं को मॉडल के माध्यम से समझाया गया है। इन व्यूहों की संरचना, रणनीति और महत्व को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है, जिससे दर्शकों को प्राचीन युद्धकला की गहरी समझ मिल सके। आयोजकों के अनुसार, प्रदर्शनी में दी गई जानकारी आमजन, विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए नई और अत्यंत रोचक साबित होगी। यह पहल न केवल सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराती है, बल्कि महाभारत कालीन ज्ञान पर भी प्रकाश डालती है।