आस्था, परंपरा और संस्कृति का महापर्व : देशभर के श्रद्धालुओं का होगा संगम,16 जुलाई को निकलेगी भव्य जगन्नाथ रथयात्रा,CM विष्णुदेव साय निभाएंगे गजपति महाराज की परंपरा

आस्था, परंपरा और संस्कृति का महापर्व : देशभर के श्रद्धालुओं का होगा संगम,16 जुलाई को निकलेगी भव्य जगन्नाथ रथयात्रा,CM विष्णुदेव साय निभाएंगे गजपति महाराज की परंपरा

जशपुर । ओडिशा की सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपरा को जीवंत रूप में संजोए छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर, दोकड़ा (जशपुर) में आयोजित होने वाले रथ यात्रा महोत्सव–2026 की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। मंदिर परिसर को भव्य स्वरूप दिया जा रहा है और रथ सज्जा, धार्मिक अनुष्ठानों, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था तथा सांस्कृतिक आयोजनों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस वर्ष महोत्सव में छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड सहित विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

मंदिर समिति के अनुसार 14 जुलाई को नेत्र उत्सव एवं नवयौवन दर्शन के साथ धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ होगा। इसके बाद 16 जुलाई को भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की भव्य रथयात्रा पूरे वैदिक विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ निकाली जाएगी।

इस वर्ष रथयात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण यह होगा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उनकी धर्मपत्नी कौशल्या साय पारंपरिक गजपति महाराज की परंपरा का निर्वहन करेंगे। सदियों पुरानी इस परंपरा के अनुसार गजपति महाराज भगवान के प्रथम सेवक के रूप में रथयात्रा से पूर्व विशेष पूजा-अर्चना एवं छेरा पहरा (स्वर्ण झाड़ू से रथ की सेवा) की परंपरा निभाते हैं। दोकड़ा में इस परंपरा का निर्वहन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।

रथयात्रा महोत्सव के दौरान प्रतिदिन ओडिशा की प्रसिद्ध कीर्तन मंडलियों द्वारा भजन-कीर्तन, संकीर्तन, धार्मिक प्रवचन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसके साथ ही रंगोली, चित्रकला, लिटिल चैंप, पुष्प सज्जा एवं फूल-माला प्रतियोगिताओं सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन महाप्रसाद वितरण की भी विशेष व्यवस्था रहेगी।

मंदिर आयोजन समिति ने बताया कि 17 जुलाई से 21 जुलाई तक प्रतिदिन अपराह्न 3:30 बजे से शाम 7:30 बजे तक मौसीबाड़ी स्थित मिडिल स्कूल प्रांगण में श्री जगन्नाथ कथा का आयोजन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कथा वाचक एवं कीर्तनकार कामता प्रसाद शरण भगवान जगन्नाथ की दिव्य लीलाओं का वर्णन करेंगे। यह आयोजन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उनकी धर्मपत्नी कौशल्या साय के विशेष सानिध्य में संपन्न होगा।

महोत्सव की आगामी धार्मिक कड़ियों में 24 जुलाई को बाहुड़ा यात्रा, 25 जुलाई को सुना वेश, 26 जुलाई को अधर पाना तथा 27 जुलाई को नीलाद्री विजय के साथ आयोजन का विधिवत समापन होगा।

दोकड़ा का श्री जगन्नाथ मंदिर वर्षों से छत्तीसगढ़ और ओडिशा की साझा सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक रहा है। यहां आयोजित रथयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता और सनातन परंपराओं के संरक्षण का भी एक महत्वपूर्ण उत्सव है। हर वर्ष हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता इसे पूर्वी भारत के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में विशेष पहचान दिलाती है।