मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में 'एक पेड़ मां के नाम' महाअभियान को मिली नई रफ्तार, घर-घर पहुंचेगा मुफ्त पौधा,सीएम बोले—लक्ष्य से कहीं अधिक हुआ पौधरोपण,देश में पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मिसाल पेश कर जशपुर में 'ट्री एटीएम' की शुरुआत

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में 'एक पेड़ मां के नाम' महाअभियान को मिली नई रफ्तार, घर-घर पहुंचेगा मुफ्त पौधा,सीएम बोले—लक्ष्य से कहीं अधिक हुआ पौधरोपण,देश में पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मिसाल पेश कर जशपुर में 'ट्री एटीएम' की शुरुआत

जशपुरनगर, 16 जुलाई 2026। पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से एक अभिनव पहल सामने आई है। आमतौर पर एटीएम का नाम सुनते ही लोगों के मन में नकदी निकालने की तस्वीर उभरती है, लेकिन जशपुर वन विभाग ने इस सोच को बदलते हुए 'ट्री एटीएम' की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को बगिया हेलीपैड परिसर में इस अनूठे मोबाइल ट्री एटीएम को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देगी, बल्कि जिले के दूरस्थ क्षेत्रों तक निःशुल्क पौधों की उपलब्धता भी सुनिश्चित करेगी।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं ट्री एटीएम से आंवला का पौधा प्राप्त किया और उपस्थित लोगों को भी पौधों का वितरण किया। यह मोबाइल ट्री एटीएम अब जिले के विभिन्न गांवों और कस्बों में पहुंचकर नागरिकों को निःशुल्क पौधे वितरित करेगा तथा लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करेगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि जशपुर वन विभाग का 'ट्री एटीएम' पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का एक उत्कृष्ट प्रयास है। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु पौधरोपण के लिए सबसे उपयुक्त समय है और यदि लोगों को आसानी से पौधे उपलब्ध कराए जाएं तो वृक्षारोपण एक जनआंदोलन का रूप ले सकता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया 'एक पेड़ मां के नाम' महाअभियान पूरे देश में पर्यावरण संरक्षण के प्रति नई चेतना का संचार कर रहा है। इसी अभियान से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ में भी व्यापक स्तर पर पौधरोपण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य ने पौधरोपण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। पहले वर्ष 2.5 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जबकि इसके विरुद्ध लगभग 3.5 करोड़ पौधों का रोपण किया गया। इसी प्रकार इस वर्ष भी 2.5 करोड़ पौधों का लक्ष्य रखा गया है और इसे भी निर्धारित लक्ष्य से अधिक पूरा करने का संकल्प लिया गया है।

'आज का पौधा, आने वाली पीढ़ियों की छांव' बना जनजागरूकता का संदेश

वन विभाग ने इस पहल को केवल पौध वितरण तक सीमित नहीं रखा है। 'आज का पौधा, आने वाली पीढ़ियों की छांव' के प्रेरक संदेश के साथ शुरू किए गए इस अभियान के तहत प्रत्येक हितग्राही को पौधरोपण की वैज्ञानिक विधि, नियमित देखभाल, संरक्षण तथा पौधे को वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखने की जानकारी भी दी जाएगी। इसका उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनकी जीवित रहने की दर बढ़ाना और स्थायी हरित आवरण तैयार करना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की मोबाइल पौध वितरण व्यवस्था अन्य राज्यों में भी लागू की जाए तो जनसहभागिता के माध्यम से बड़े स्तर पर हरित क्षेत्र का विस्तार किया जा सकता है।

कार्यक्रम में भरत सिंह, उपेंद्र यादव, कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, वनमंडलाधिकारी शशि कुमार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।