जशपुर में विकास की ट्रिपल स्पीड: स्मार्ट बस स्टैंड, किसानों को यूरिया पर बड़ी राहत और जनप्रतिनिधियों के साथ सीधे संवाद में एक्शन मोड में दिखे कलेक्टर रोहित व्यास
एक दिन में विकास का मेगा रिव्यू—आधुनिक बस स्टैंड निर्माण तेज, यूरिया वितरण की नई व्यवस्था से किसानों को राहत, पेयजल-सड़क-जल जीवन मिशन सहित जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश
जशपुरनगर 3 जुलाई। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में आधारभूत सुविधाओं, कृषि और ग्रामीण विकास को लेकर जिला प्रशासन ने गति तेज कर दी है। गुरुवार को कलेक्टर रोहित व्यास ने दुलदुला और बंदरचुवा में निर्माणाधीन आधुनिक बस स्टैंडों का निरीक्षण किया, किसानों के बीच पहुंचकर यूरिया वितरण की नई व्यवस्था की जानकारी दी तथा दुलदुला जनपद में जनप्रतिनिधियों के साथ मैराथन बैठक कर क्षेत्रीय विकास और जनसमस्याओं की समीक्षा की। पूरे दिन चले इस दौरे में प्रशासन का फोकस साफ दिखाई दिया—बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत कृषि व्यवस्था और त्वरित जनसेवा।
आधुनिक बस स्टैंड से बदलेगी सफर की तस्वीर
दुलदुला और बंदरचुवा में लगभग एक-एक करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक बस स्टैंड बनाए जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
इन बस स्टैंडों में यात्रियों के लिए आधुनिक प्रतीक्षालय, स्वच्छ शौचालय, बैठने की बेहतर व्यवस्था, दुकानों, सुरक्षित परिसर और अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इनके शुरू होने से जशपुर, कुनकुरी, पत्थलगांव सहित इस मार्ग से यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही स्थानीय व्यापार और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
किसानों के लिए बड़ी राहत, अब नहीं होगी यूरिया की कमी
खरीफ सीजन के बीच किसानों के लिए राहत भरी खबर देते हुए कलेक्टर रोहित व्यास ने दुलदुला आदिम जाति सेवा सहकारी समिति का निरीक्षण किया और किसानों से सीधा संवाद किया।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने यूरिया वितरण पर लागू 80 प्रतिशत सीमा समाप्त कर दी है। अब किसानों को खरीफ 2025 में जितनी मात्रा में यूरिया मिला था, खरीफ 2026 में भी उतनी ही मात्रा उपलब्ध कराई जाएगी। यदि किसी समय स्टॉक कम होने से पूरी मात्रा नहीं मिल पाती है तो शेष उर्वरक बाद में उपलब्ध कराया जाएगा।
कलेक्टर ने समिति में खाद-बीज, कृषि ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी किसान को उर्वरक, बीज या ऋण के लिए अनावश्यक परेशानी न हो।
उन्होंने किसानों से नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसी आधुनिक तकनीक आधारित उर्वरकों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इससे लागत कम होगी, उत्पादन बढ़ेगा और भूमि की उर्वरा शक्ति भी सुरक्षित रहेगी।
जनप्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद, विकास कार्यों पर तुरंत फैसले
दुलदुला जनपद पंचायत में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने जनप्रतिनिधियों से सीधे संवाद कर क्षेत्र की समस्याओं और विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में पेयजल, सड़क, नाली, जल जीवन मिशन, शिक्षा, राशन वितरण और धार्मिक स्थलों के विकास सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाएगा तथा जो कार्य जिला स्तर पर संभव होंगे, उन्हें शीघ्र पूरा किया जाएगा। बड़े प्रस्ताव शासन को भेजे जाएंगे।
15 नए पीडीएस भवनों की सौगात
बैठक के दौरान कलेक्टर ने जानकारी दी कि दुलदुला क्षेत्र में 15 नए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) भवन स्वीकृत हो चुके हैं। इनके निर्माण से राशन वितरण व्यवस्था और अधिक व्यवस्थित होगी तथा हितग्राहियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
पेयजल, सड़क और जल जीवन मिशन पर सख्त निर्देश
चराईडांड, पंडरीआंबा और पतराटोली में पेयजल समस्या के समाधान के लिए तत्काल निरीक्षण के निर्देश दिए गए। नोनियातला आईटीआई के पास सड़क निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने और जल जीवन मिशन के रुके कार्यों को तत्काल पुनः शुरू कराने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।
चराईडांड शिव मंदिर के जीर्णोद्धार को मिलेगी नई पहचान
बैठक में चराईडांड स्थित प्राचीन शिव मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 15 लाख रुपये की स्वीकृति की जानकारी देते हुए कलेक्टर ने कहा कि मंदिर का विकास व्यवस्थित और आकर्षक स्वरूप में किया जाएगा।
शिक्षा और सामाजिक अधोसंरचना पर भी फोकस
खूंटीटोली में आंगनबाड़ी भवन, सामुदायिक भवन और मुक्तिधाम निर्माण के प्रस्ताव तैयार करने तथा मांझीटोली में सीसी रोड निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने जनप्रतिनिधियों से नए शैक्षणिक सत्र में प्रत्येक बच्चे को नियमित रूप से विद्यालय और छात्रावास भेजने के लिए भी सहयोग की अपील की।
विकास का दिया स्पष्ट संदेश
जशपुर में प्रशासन अब केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि मौके पर पहुंचकर उनकी प्रगति की निगरानी, किसानों से सीधा संवाद और जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय के जरिए विकास कार्यों को गति देने पर जोर दे रहा है। आधुनिक बस स्टैंड, किसानों के लिए उर्वरक व्यवस्था में राहत और ग्रामीण विकास से जुड़े त्वरित निर्णय इस बात का संकेत हैं कि जिले में आधारभूत सुविधाओं और कृषि विकास को नई रफ्तार देने की कोशिश लगातार जारी है।

Reporter 

