एक शिकायत और 3219 बोरी खाद जब्त : मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की दस्तक से बेनकाब हुआ ‘काला कारोबार’ : अधिक कीमत पर खाद बेचने के आरोप में उर्वरक केंद्र सील, किसानों से वसूली पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, राज्यभर के विक्रेताओं को कड़ा संदेश

एक शिकायत और 3219 बोरी खाद जब्त : मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की दस्तक से बेनकाब हुआ ‘काला कारोबार’ : अधिक कीमत पर खाद बेचने के आरोप में उर्वरक केंद्र सील, किसानों से वसूली पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, राज्यभर के विक्रेताओं को कड़ा संदेश

रायपुर/अंबिकापुर।

किसानों की जेब पर डाका डालकर मुनाफाखोरी करने वालों के खिलाफ छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा संदेश दिया है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में दर्ज एक शिकायत ने सरगुजा जिले में कथित रूप से चल रहे उर्वरक के अवैध कारोबार की परतें खोल दीं। कृषि विभाग की टीम ने अंबिकापुर के नेहरूनगर (डीगमा) स्थित एक उर्वरक विक्रय केंद्र पर छापा मारकर 3219 बोरी उर्वरक जब्त किए और पूरे विक्रय केंद्र को सील कर दिया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर किसानों को निर्धारित दर पर खाद-बीज उपलब्ध कराने तथा कालाबाजारी रोकने के लिए राज्य सरकार लगातार सख्ती बरत रही है। इसी अभियान के तहत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायत पर यह कार्रवाई की गई।

जानकारी के अनुसार एक किसान ने शिकायत दर्ज कराई थी कि नेहरूनगर स्थित मेसर्स सरगुजा कृषि राय केंद्र द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरकों की बिक्री की जा रही है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग ने तत्काल जांच प्रारंभ की।

जांच के दौरान शिकायतकर्ता किसान के बयान, ऑनलाइन भुगतान से जुड़े डिजिटल साक्ष्य तथा विक्रय से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की गई। प्रारंभिक जांच में अधिक मूल्य पर उर्वरक बिक्री की पुष्टि होने के बाद जिला स्तरीय टीम ने 25 जून को प्रतिष्ठान पर औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान 3219 बोरी उर्वरक जब्त किए गए तथा संपूर्ण विक्रय केंद्र को सील कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद जिले के उर्वरक कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति देखी गई।

कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा। उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक मूल्य पर बिक्री के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा।

कार्रवाई के दौरान सहायक संचालक कृषि श्री कुंवर साय पैंकरा, उर्वरक निरीक्षक श्री जे. आलम तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री सीताराम भगत सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में क्यों महत्वपूर्ण है यह कार्रवाई?

देश के कई राज्यों में खरीफ सीजन के दौरान खाद की कृत्रिम कमी, जमाखोरी और अधिक कीमत पर बिक्री की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे समय में केवल एक शिकायत के आधार पर बड़ी मात्रा में उर्वरक जब्त कर विक्रय केंद्र को सील करना प्रशासनिक जवाबदेही और शिकायत निवारण तंत्र की प्रभावशीलता का उदाहरण माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शिकायतों पर इसी प्रकार त्वरित कार्रवाई होती रही तो उर्वरकों की कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा तथा किसानों को निर्धारित दर पर सामग्री उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

महत्वपूर्ण बिंदु

• मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायत पर कार्रवाई

• अधिक कीमत पर खाद बिक्री के आरोप की पुष्टि

• 3219 बोरी उर्वरक जब्त

• विक्रय केंद्र सील

• डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद कार्रवाई

• कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ सख्त संदेश

• किसानों से अनियमितताओं की शिकायत करने की अपील

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि यदि कहीं भी निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद-बीज बेचे जा रहे हों तो इसकी सूचना तत्काल मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 अथवा कृषि विभाग को दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की जा सके।

"एक किसान की शिकायत, 3219 बोरी जब्त"

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज एक शिकायत ने यह साबित कर दिया कि यदि शिकायत प्रणाली सक्रिय हो और प्रशासन तत्पर हो तो किसानों के हितों की रक्षा संभव है। सरगुजा की यह कार्रवाई अब प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की एक शिकायत पर सरगुजा में हुई यह कार्रवाई केवल एक दुकान पर छापा नहीं, बल्कि किसानों के नाम पर हो रहे मुनाफाखोरी के खेल के खिलाफ सरकार का बड़ा संदेश भी है।