केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की विकास यात्रा के केंद्र में नवाचार, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता को हमेशा प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि ‘भारत इनोवेट्स’ जैसी पहल देश के युवा नवोन्मेषकों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ वैश्विक हितधारकों, उद्योग जगत और नेटवर्क से जुड़ने का अवसर देती है। जोशी ने नई दिल्ली में ‘भारत इनोवेट्स 2026’ पर स्मारक पुस्तक का विमोचन करते हुए यह बात कही। पुस्तक में भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के तहत 14 से 16 जून 2026 तक फ्रांस के नीस में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स’ के पहले संस्करण की यात्रा को दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
युवा प्रतिभा को वैश्विक मंच देने की पहल
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि ‘भारत इनोवेट्स’ प्रधानमंत्री के उस विजन का प्रतीक है, जिसके तहत युवा नवोन्मेषकों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और वैश्विक हितधारकों के साथ जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल युवा भारत के आत्मविश्वास और आकांक्षाओं को दर्शाती है तथा उच्च शिक्षा और अनुसंधान से जुड़े देश के इकोसिस्टम की क्षमता को सामने लाती है।
अवसर मिलने पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं युवा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि ‘भारत इनोवेट्स’ ने यह दिखाया है कि युवा प्रतिभाओं को यदि अवसरों, उद्योग जगत और वैश्विक नेटवर्क से जोड़ा जाए तो वे बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश में मौजूद वैज्ञानिक और तकनीकी प्रतिभा को सही मंच देकर भारत नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी भूमिका और मजबूत कर सकता है।
उच्च शिक्षा संस्थानों की अहम भूमिका
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने विकसित भारत के विजन को साकार करने में उच्च शिक्षा संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत अनुसंधान, नवाचार, रचनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी गई है। ‘भारत इनोवेट्स’ जैसी पहल इन प्राथमिकताओं को वास्तविक परिणामों में बदलने के लिए प्रभावी मंच उपलब्ध कराती है।
देशभर के डीप-टेक नवोन्मेषकों की यात्रा दर्ज
स्मारक पुस्तक में ‘भारत इनोवेट्स’ की पूरी यात्रा का विवरण दिया गया है। इसमें देशभर से प्रतिभाशाली डीप-टेक नवोन्मेषकों की खोज और चयन से लेकर फ्रांस के नीस में अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उनके नवाचारों के प्रदर्शन तक की प्रक्रिया को दर्ज किया गया है। पुस्तक में इस पहल के दौरान हुई सहभागिता, संवाद और सामने आए परिणामों को भी शामिल किया गया है।
उद्योग और निवेशकों से जुड़ने का मंच
‘भारत इनोवेट्स’ शिक्षा मंत्रालय की पहल है, जिसका उद्देश्य उच्च शिक्षा और अनुसंधान इकोसिस्टम से उभरने वाले उच्च क्षमता वाले डीप-टेक नवाचारों की पहचान करना और उन्हें आगे बढ़ाना है। यह पहल नवोन्मेषकों को उद्योग, निवेशकों और अन्य संबंधित हितधारकों से जोड़ने के साथ प्रौद्योगिकी के व्यावहारिक इस्तेमाल को गति देने पर केंद्रित है।
वैश्विक बाजार और आपूर्ति श्रृंखलाओं तक पहुंच
इस पहल का उद्देश्य नवोन्मेषकों को वैश्विक बाजारों और आपूर्ति श्रृंखलाओं तक पहुंच के अवसर उपलब्ध कराना भी है। ‘भारत इनोवेट्स’ प्रयोगशाला से बाजार और परिसर से दुनिया तक एक निर्बाध मार्ग तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है, ताकि शोध और नवाचार को व्यावसायिक उपयोग और वैश्विक सहयोग से जोड़ा जा सके।
120 डीप-टेक स्टार्टअप और 45 शोध परियोजनाएं
‘भारत इनोवेट्स’ के पहले संस्करण में पूरे भारत से 120 डीप-टेक स्टार्टअप और नवोन्मेषकों के साथ 45 अनुसंधान परियोजनाओं को एक मंच पर लाया गया। प्रतिभागियों को अपनी तकनीकों का प्रदर्शन करने, उद्योग और निवेशकों के साथ संवाद करने तथा अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और बाजार के अवसर तलाशने का अवसर मिला।
वैज्ञानिक और उद्यमशीलता क्षमता को रेखांकित करती है पुस्तक
स्मारक पुस्तक इस पूरी यात्रा के जरिए भारत के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, शिक्षकों, स्टार्टअप्स, उच्च शिक्षण संस्थानों और इकोसिस्टम से जुड़े साझेदारों की वैज्ञानिक क्षमता और नवाचार क्षमता को सामने लाती है। इसमें देश के युवाओं की उद्यमशीलता की भावना और नई तकनीकों के क्षेत्र में उनकी संभावनाओं को भी रेखांकित किया गया है।
वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षाविद हुए शामिल
हाइब्रिड मोड में आयोजित कार्यक्रम में भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद, नीति आयोग के सदस्य अभय करंदीकर, उच्च शिक्षा विभाग की सचिव दीप्ति गौर मुखर्जी और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। आईआईटी कानपुर, आईआईटी मद्रास और आईआईटी बॉम्बे के निदेशक, वरिष्ठ शिक्षाविद तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, रक्षा उत्पादन विभाग और इन-स्पेस के प्रतिनिधि ऑनलाइन कार्यक्रम में शामिल हुए।