रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटे में प्रदेशभर में 26 नए मरीजों की पुष्टि हुई है, जिसके बाद कुल संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 205 हो गई है। इनमें से 57 मरीजों का फिलहाल इलाज चल रहा है। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा 12 मामले रायपुर में सामने आए हैं, जबकि बिलासपुर में 6 और दुर्ग में 4 नए मरीज मिले हैं। लगातार सामने आ रहे नए मामलों के चलते स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है और संभावित मरीजों की पहचान, जांच और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों पर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि देश के कई शहरों में इसके मामले सामने आ रहे हैं और छत्तीसगढ़ में भी संख्या बढ़ी है। उन्होंने अपने परिवार में भी स्वाइन फ्लू का मामला सामने आने का जिक्र करते हुए कहा कि मौजूदा स्वरूप पहले की तुलना में उतना घातक नहीं है। हालांकि, उन्होंने बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर उपचार को लेकर सतर्क रहने की जरूरत बताई। दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग ने संभावित मरीजों के उपचार के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का दावा किया है। रायगढ़ जिला चिकित्सालय और मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए अलग-अलग 10-10 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है, जरूरत पड़ने पर इनकी संख्या बढ़ाई जा सकती है। संदिग्ध मरीजों को अन्य मरीजों से अलग रखकर उपचार देने की भी व्यवस्था की गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार स्वाइन फ्लू में बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, कमजोरी और कुछ मामलों में सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि ऐसे लक्षण नजर आने पर लापरवाही न करें और चिकित्सकीय सलाह लें। खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकने, हाथों को साबुन-पानी से नियमित रूप से साफ करने और बीमारी के लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाले स्थानों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग प्रदेश में स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और संभावित संक्रमण से निपटने के लिए तैयारियां की जा रही हैं।

