"विकसित भारत की नींव : महिला शक्ति, जनजातीय सम्मान और समावेशी विकास,महिलाओं की शक्ति और जनजातीय समाज का सम्मान बनेगा नए भारत की पहचान (राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा से प्रशांत सहाय की विशेष चर्चा,पढ़ें पूरी खबर)

"विकसित भारत की नींव : महिला शक्ति, जनजातीय सम्मान और समावेशी विकास,महिलाओं की शक्ति और जनजातीय समाज का सम्मान बनेगा नए भारत की पहचान (राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा से प्रशांत सहाय की विशेष चर्चा,पढ़ें पूरी खबर)

रायपुर/दिल्ली = भारत आज विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार जहां आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन लाने का प्रयास कर रही है, वहीं महिलाओं और जनजातीय समाज के सशक्तिकरण को भी विकास के केंद्र में रखा गया है। इसी परिप्रेक्ष्य में छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस विशेष साक्षात्कार में उन्होंने महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक उत्थान से लेकर जनजातीय समाज, धर्मांतरण, डीलिस्टिंग, पहाड़ी कोरवा-दिहाड़ी कोरवा समुदायों की समस्याओं तथा सरगुजा-बस्तर क्षेत्र के विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखी।

महिलाओं की भागीदारी के बिना विकसित भारत की कल्पना अधूरी
राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा का मानना है कि विकसित भारत का सपना तभी साकार हो सकता है जब देश की आधी आबादी विकास प्रक्रिया में समान भागीदारी निभाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं का आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक सशक्तिकरण केंद्र और राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में बिहान योजना, स्वयं सहायता समूहों (SHG) और विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से लाखों महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जा रहा है। महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, विपणन सुविधा और उद्यमिता विकास के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं ताकि वे केवल परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित न रहें, बल्कि आर्थिक विकास की सक्रिय भागीदार बनें।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों को सशक्त बनाने के लिए सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। महतारी वंदन योजना, महिला आरक्षण और महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम इसी सोच का हिस्सा हैं।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ केवल अभियान नहीं, सामाजिक परिवर्तन का माध्यम
सांसद लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का उद्देश्य केवल बेटियों को शिक्षा उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि समाज में व्याप्त लैंगिक भेदभाव को समाप्त करना भी है। उन्होंने कहा कि जब तक बेटा और बेटी के बीच समानता स्थापित नहीं होगी, तब तक वास्तविक सामाजिक विकास संभव नहीं है।
उनके अनुसार सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में विशेष योजनाओं के माध्यम से बेटियों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है, जिससे आने वाले समय में महिलाओं की भूमिका और अधिक प्रभावशाली होगी।

बस्तर में विकास की नई तस्वीर उभर रही है
बस्तर क्षेत्र के संदर्भ में सांसद ने कहा कि लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहने के कारण कई योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंच पाया था। लेकिन वर्तमान समय में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहां आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही हैं।
उन्होंने बताया कि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और संचार व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विशेष पैकेज और योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य बस्तर को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर वहां के युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराना है।

सरगुजा की चुनौतियों के लिए बनेगी विशेष कार्ययोजना
सरगुजा संभाग के विषय में सांसद लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि यह क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध होने के साथ-साथ कई विशेष चुनौतियों का भी सामना करता है। हाथी प्रभावित क्षेत्रों, वनांचल और सर्पदंश जैसी समस्याओं को देखते हुए वन विभाग एवं अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सरगुजा और जशपुर सहित पूरे उत्तर छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

पहाड़ी कोरवा और दिहाड़ी कोरवा समुदाय की समस्याओं का होगा समाधान
साक्षात्कार के दौरान पहाड़ी कोरवा और दिहाड़ी कोरवा समुदायों के बीच जातिगत वर्गीकरण से जुड़ी विसंगतियों का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया।
इस विषय पर सांसद लक्ष्मी वर्मा ने स्वीकार किया कि लंबे समय से दोनों समुदायों के लोगों द्वारा शासन-प्रशासन के समक्ष समस्याएं रखी जा रही हैं। कई बार वर्गीकरण संबंधी त्रुटियों के कारण पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कठिनाई होती है।उन्होंने कहा कि यह विषय अत्यंत गंभीर है और वे शीघ्र ही केंद्र सरकार के समक्ष इस संबंध में प्रस्ताव रखेंगी। उनका प्रयास रहेगा कि वास्तविक सामाजिक एवं पारंपरिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए न्यायसंगत समाधान निकाला जाए, जिससे पात्र लोगों को उनके अधिकार प्राप्त हो सकें।

धर्मांतरण के मामलों पर सरकार की कड़ी नजर
धर्मांतरण के मुद्दे पर सांसद लक्ष्मी वर्मा ने स्पष्ट कहा कि केंद्र और राज्य सरकार इस विषय को गंभीरता से देख रही हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक को अपनी इच्छा के अनुसार धर्म मानने और उसका पालन करने का अधिकार है, लेकिन यदि किसी प्रकार के प्रलोभन, दबाव या छल के माध्यम से धर्मांतरण कराया जाता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों से प्राप्त शिकायतों पर सरकार लगातार निगरानी रख रही है और आवश्यकता पड़ने पर अधिक प्रभावी कानूनी प्रावधान भी लाए जा सकते हैं।

डीलिस्टिंग पर चल रहा व्यापक विमर्श
डीलिस्टिंग के विषय पर सांसद ने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि देशभर के अनुसूचित जनजाति समाज की भावनाओं और अधिकारों से जुड़ा विषय है। उन्होंने बताया कि विभिन्न सामाजिक संगठनों और जनजातीय प्रतिनिधियों द्वारा उठाई जा रही मांगों को केंद्र सरकार गंभीरता से सुन रही है।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजातियों को मिले संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और केंद्र सरकार इस विषय पर व्यापक विचार-विमर्श के बाद आवश्यक कदम उठाने की दिशा में कार्य कर रही है।

पलायन रोकने रोजगार और कौशल विकास पर फोकस
राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि एक समय था जब बड़ी संख्या में लोग रोजगार की तलाश में राज्य से बाहर जाते थे, लेकिन अब स्थिति बदल रही है। विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों, स्वरोजगार योजनाओं और स्थानीय रोजगार सृजन के प्रयासों के कारण पलायन में कमी लाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार और व्यवसाय के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हों।

पर्यटन और संस्कृति से बनेगा नया छत्तीसगढ़
पर्यटन के क्षेत्र में संभावनाओं का उल्लेख करते हुए सांसद ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक धरोहरों से समृद्ध राज्य है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य को पर्यटन के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने विश्वास जताया कि पर्यटन क्षेत्र में निवेश और सुविधाओं के विस्तार से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

मेडिकल कॉलेज स्थापना पर भी सरकार गंभीर
मेडिकल कॉलेज स्थापना के विषय में सांसद लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि सरकार विभिन्न क्षेत्रों की आवश्यकताओं का अध्ययन कर रही है। जहां आवश्यक मानक और संसाधन उपलब्ध होंगे, वहां मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में सकारात्मक पहल की जाएगी।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और ग्रामीण तथा दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

जनजातीय समाज के सम्मान और अधिकारों की आवाज
साक्षात्कार के अंत में सांसद लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार जनजातीय समाज के सम्मान, अधिकार और विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि पहाड़ी कोरवा, दिहाड़ी कोरवा सहित जनजातीय समुदायों से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मुद्दों को वे संसद और केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से उठाती रहेंगी।
उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक होगा जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और सभी वर्गों की सहभागिता से विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जाए।