“शासन नहीं, जनता करेगी बदलाव: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मुहिम लाई बड़ा परिवर्तन, ग्राम पंचायत पोड़ी ने लिया नशामुक्त गांव बनाने का ऐतिहासिक संकल्प”

“शासन नहीं, जनता करेगी बदलाव: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मुहिम लाई बड़ा परिवर्तन, ग्राम पंचायत पोड़ी ने लिया नशामुक्त गांव बनाने का ऐतिहासिक संकल्प”

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पहल लाई बदलाव की मिसाल : 1 जुलाई 2026 से ग्राम पंचायत पोड़ी में लागू होगा नशामुक्ति अभियान,महिलाओं और ग्रामीणों ने लिया जनभागीदारी का संकल्प

लोदाम/पोड़ी। समाज में बढ़ते नशे के दुष्प्रभावों को रोकने और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण देने की दिशा में ग्राम पंचायत पोड़ी की महिलाओं एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने एक प्रेरणादायक पहल करते हुए गांव को पूर्ण रूप से नशामुक्त बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

लगातार प्रयासों और जनजागरूकता अभियान के बाद ग्राम पंचायत पोड़ी में एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें ग्राम पोड़ी एवं ग्राम काटिंग के बड़ी संख्या में महिला-पुरुष नागरिक शामिल हुए। बैठक में नशे के सामाजिक, आर्थिक एवं पारिवारिक दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता निशा सिंह, गायत्री सिंह,कमलाबाई,संगीता बाई, आंगनवाड़ी सहायिका सुमन सिंह,जगमनी बाई,रामप्यारी एवं फुलसुंदरी, सक्रिय महिला सुभद्रा देवी (विहान समूह), सभी मितानिन, ग्राम पंचायत पोड़ी की सरपंच पुष्पा प्रधान, उपसरपंच पूजा सिंह तथा गांव के गणमान्य महिला एवं पुरुष उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने एकमत होकर निर्णय लिया कि 1 जुलाई 2026 से ग्राम पंचायत पोड़ी को पूर्ण रूप से नशामुक्त ग्राम बनाने की दिशा में सामूहिक अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए जनजागरूकता, सामाजिक सहभागिता और सामुदायिक सहयोग को प्रमुख आधार बनाया जाएगा।

बैठक को संबोधित करते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता निशा सिंह ने कहा कि यदि देश को वास्तव में नशामुक्त भारत बनाना है तो इसकी शुरुआत गांवों से करनी होगी। उन्होंने कहा कि केवल शासन-प्रशासन पर निर्भर रहने के बजाय प्रत्येक ग्राम पंचायत के नागरिक स्वयं अपने गांव को नशामुक्त बनाने का संकल्प लें, तभी व्यापक परिवर्तन संभव होगा।

उन्होंने कहा कि “जब आम जनता जागरूक होकर आगे आती है, तब सामाजिक परिवर्तन की गति और प्रभाव दोनों बढ़ जाते हैं। नशामुक्त भारत के निर्माण में सबसे बड़ी भूमिका जनभागीदारी की होगी।”

ग्राम पंचायत पोड़ी की यह पहल अब क्षेत्र में सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक नेतृत्व का एक सकारात्मक उदाहरण बनकर उभर रही है।