अजीत डोभाल की अगुवाई में BRICS सुरक्षा मंथन,आतंकवाद और साइबर खतरे पर साझा रणनीति : वैश्विक सुरक्षा समीकरणों के बीच भारत का बड़ा कूटनीतिक संदेश,BRICS मंच पर बढ़ी भारत की पकड़

अजीत डोभाल की अगुवाई में BRICS सुरक्षा मंथन,आतंकवाद और साइबर खतरे पर साझा रणनीति : वैश्विक सुरक्षा समीकरणों के बीच भारत का बड़ा कूटनीतिक संदेश,BRICS मंच पर बढ़ी भारत की पकड़

BRICS सुरक्षा मंच पर भारत का दमदार नेतृत्व, नई दिल्ली में वैश्विक सुरक्षा एजेंडे को मिली नई दिशा

नई दिल्ली | विशेष रिपोर्ट

भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित BRICS देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSA) की दो दिवसीय उच्चस्तरीय बैठक का आज महत्वपूर्ण निष्कर्षों के साथ समापन हुआ। भारत की अध्यक्षता में हुई इस रणनीतिक बैठक ने वैश्विक सुरक्षा, तकनीकी चुनौतियों और क्षेत्रीय स्थिरता के मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच समन्वय को नई गति दी।

बैठक की अध्यक्षता भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने की। इस दौरान BRICS देशों के वरिष्ठ सुरक्षा प्रतिनिधियों ने बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य, उभरते जोखिमों और बहुपक्षीय सहयोग को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया।

गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों पर रहा विशेष फोकस

बैठक में पारंपरिक सुरक्षा विषयों के साथ-साथ नई पीढ़ी की चुनौतियों पर विशेष चर्चा हुई। कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित जोखिम, साइबर हमलों की बढ़ती आशंका, सूचना सुरक्षा, डिजिटल अवसंरचना की सुरक्षा और सीमा-पार सुरक्षा सहयोग प्रमुख एजेंडा रहे। सदस्य देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि तकनीकी विकास के साथ सुरक्षा ढांचे को भी अधिक सक्षम और समन्वित बनाना होगा।

भारत-चीन संवाद पर भी रही नजर

बैठक के दौरान एनएसए अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता हुई। दोनों पक्षों ने भारत-चीन संबंधों को चरणबद्ध तरीके से सामान्य बनाने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने पर सकारात्मक चर्चा की। कूटनीतिक स्तर पर इसे क्षेत्रीय संतुलन और संवाद की दिशा में अहम संकेत माना जा रहा है।

आतंकवाद विरोधी सहयोग और सूचना सुरक्षा को मजबूती

बैठक के दौरान ईरान, ब्राजील और इथियोपिया सहित सदस्य देशों के सुरक्षा प्रतिनिधियों के साथ सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। आतंकवाद विरोधी तंत्र को मजबूत करने, संवेदनशील सूचनाओं के आदान-प्रदान और साइबर सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

सितंबर 2026 BRICS शिखर सम्मेलन की मजबूत नींव

विशेषज्ञों के अनुसार यह बैठक सितंबर 2026 में भारत में प्रस्तावित BRICS नेताओं के शिखर सम्मेलन की तैयारी का महत्वपूर्ण चरण मानी जा रही है। भारत ने अपनी अध्यक्षता के दौरान “लचीलापन, नवाचार और सहयोग” को प्राथमिक एजेंडा बनाकर वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करने का संदेश दिया है।

राजनयिक विश्लेषकों का मानना है कि नई दिल्ली में आयोजित यह सुरक्षा संवाद केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच भारत की बढ़ती रणनीतिक भूमिका, कूटनीतिक सक्रियता और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में उसके बढ़ते प्रभाव का स्पष्ट संकेत है।