रोहित शेट्टी फायरिंग केस में बड़ा खुलासा! हरियाणा से पकड़े गए 4 शार्प शूटर; लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने दी थी सुपारी, जानें क्या था ‘प्लान 50 हजार’
बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर रोहित शेट्टी के घर हुई फायरिंग मामले में सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता मिली है। मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल और हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक संयुक्त अभियान चलाकर हरियाणा के बहादुरगढ़ से चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में मुख्य शूटर दीपक भी शामिल है, जो सीधे तौर पर विदेश में बैठे गैंगस्टरों के संपर्क में था।
1 फरवरी की रात हुई इस फायरिंग ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री में दहशत फैला दी थी। पुलिस ने अब तक इस मामले में कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिससे इस हमले के पीछे की बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग और ’50 हजार’ की सुपारी
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस हमले के तार लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े हैं। मुख्य शूटर दीपक विदेश में बैठे गैंगस्टर हरि बॉक्सर और आरजू बिश्नोई के सीधे संपर्क में था। आरजू बिश्नोई ने बाबा सिद्दीकी मर्डर केस के वांटेड शुभम लोनकर से बात कर फायरिंग का प्लान तैयार किया था। शूटर दीपक को फायरिंग के लिए शुरुआती तौर पर 50 हजार रुपये दिए गए थे और काम होने के बाद बड़ी रकम का वादा किया गया था।
कैसे पकड़े गए आरोपी?
हरियाणा STF के एसपी विक्रांत भूषण के मुताबिक, अत्याधुनिक हथियारों के इस्तेमाल की जानकारी मिलते ही जाल बिछाया गया था। मुख्य शूटर जिसने घर पर गोलियां चलाईं। सन्नी और सोनू नामक आरोपियों ने फायरिंग से पहले रोहित शेट्टी के घर की रेकी की थी। वहीं, ऋतिक ने शूटरों को छुपने और भागने में मदद की। ये चारों आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और बहादुरगढ़ में छुपकर रहते थे।
सुरक्षा और आगे की जांच
1 फरवरी की वारदात के बाद से ही मुंबई पुलिस ने रोहित शेट्टी की सुरक्षा को कड़ा कर दिया था। अब मुंबई की एंटी एक्सटॉर्शन सेल (AEC) के इंस्पेक्टर सुनील पवार की टीम इन आरोपियों को मुंबई लेकर आ रही है, जहाँ उनसे सघन पूछताछ की जाएगी।

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