आज शाम इतने बजे तक रहेगा पूजन मुहूर्त, नोट कर लें सही टाइमिंग

आज शाम इतने बजे तक रहेगा पूजन मुहूर्त, नोट कर लें सही टाइमिंग

आज 20 नवंबर 2025 को मार्गशीर्ष अमावस्या मनाई जा रही है। यह तिथि पितरों का स्मरण, तर्पण और शांति के लिए विशेष मानी जाती है। अमावस्या पर मन शांत रखना, स्नान-दान, दीपदान और पितृ पूजन करना शुभ फलदायी हो

आज शाम के शुभ पूजा मुहूर्त

गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:26 से 5:52 तक
संध्या मुहूर्त: शाम 5:26 से 6:46 तक
निशित काल: रात 11:40 से 21 नवंबर रात 12:34 तक

इन मुहूर्तों में श्रीहरि विष्णु और मां लक्ष्मी का पूजन अत्यंत फलदायी रहेगा।

पितृ पूजन विधि

पितरों को अमावस्या का देवता माना जाता है। इस दिन योग्य ब्राह्मण को भोजन कराएं।
व्रत रखें और क्षमतानुसार अन्न, वस्त्र या आवश्यक वस्तुओं का दान करें।
शाम को पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

मार्गशीर्ष अमावस्या के शुभ उपाय

  • पूर्व या उत्तर दिशा में सरसों या तिल के तेल का दीपक जलाएं और उसमें एक लौंग डालें। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में स्थिरता आती है।
  • तुलसी पर जल चढ़ाकर घी का दीपक जलाएं। इससे सौभाग्य बढ़ता है और पारिवारिक कलह कम होती है।
  • काले तिल को पानी में मिलाकर मुख्य द्वार पर छिड़काव करें। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है
  • पितरों के नाम से दीपक जलाकर पेड़ के नीचे रखें। इससे रुके कार्यों में गति आती है और पितर प्रसन्न होते हैं