दुर्ग निगम कमिश्नर की फरमाइश: कर्मचारी से 10 किलो जवा फूल चावल, फल और DTH रिचार्ज करवाए; कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने रोक लगाई

दुर्ग निगम कमिश्नर की फरमाइश: कर्मचारी से 10 किलो जवा फूल चावल, फल और DTH रिचार्ज करवाए; कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने रोक लगाई

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग नगर निगम में एक कर्मचारी ने दावा किया है कि कमिश्नर सुमित अग्रवाल ने उससे निजी मांगें पूरी कराने को कहा। इन मांगों में 10 किलो जवा फूल चावल, 5 किलो सेब, लाल अंगूर, संतरा जैसे फल, मूवी के कार्नर टिकट, घर का DTH और वाई-फाई रिचार्ज शामिल थे। कर्मचारी की ओर से हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया कि अगर वह ये फरमाइश पूरी नहीं करता तो उसे निलंबित कर नौकरी से हटाने की कार्रवाई की गई।

कर्मचारी भूपेंद्र गोइर, जो असिस्टेंट ग्रेड-3 हैं, ने एडवोकेट संदीप दुबे और मानस वाजपेयी के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिकाकर्ता ने वॉट्सएप चैट्स के स्क्रीनशॉट भी अदालत में पेश किए, जिनमें कमिश्नर की कई बार निजी मांगें करने की बातें सामने आई हैं। इसके अलावा निगम कमिश्नर ने एमआईसी बैठक स्थगित करने और अन्य कर्मचारियों के संबंध में भी सुझाव मांगे थे।

कर्मचारी ने बताया कि उसकी नियुक्ति 2014 में चपरासी के पद पर हुई थी और 2019 में प्रमोशन देकर सहायक ग्रेड-3 बनाया गया। 31 जुलाई 2025 को उसे कुछ नियुक्तियों में गड़बड़ी के आरोप में नोटिस दिया गया और 7 अगस्त 2025 को निलंबित कर दिया गया। 6 अक्टूबर 2026 को जांच रिपोर्ट के आधार पर उसे बर्खास्त करने की तैयारी थी।

याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में दावा किया कि जांच प्रक्रिया त्रुटिपूर्ण थी और बिना किसी गवाह से पूछताछ किए मनमाने ढंग से दंड का प्रस्ताव रखा गया। हाईकोर्ट ने जस्टिस पीपी साहू की बेंच ने याचिकाकर्ता के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी। मामले की अगली सुनवाई 23 फरवरी को तय की गई है। कोर्ट ने सभी पक्षकारों को नोटिस जारी कर नगर निगम कमिश्नर और राज्य शासन को तीन सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।