महिला सशक्तिकरण को नई दिशा दे रहा छत्तीसगढ़ मॉडल - रक्षा खडसे
उन्होंने कहा कि राज्य में संचालित विभिन्न योजनाएं, जैसे कि महतारी वंदन योजना, महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान कर रही हैं। साथ ही ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से उत्पादों की बिक्री, रेडी-टू-ईट खाद्य उत्पादों का निर्माण तथा लखपति दीदी योजना जैसे प्रयास महिलाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रहे हैं। रक्षा खडसे ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि स्व-सहायता समूह द्वारा रेडी टू इट निर्माण, पोषण सुरक्षा, रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने इन प्रयासों को नारी शक्ति के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त कदम बताया।
इसके अलावा बस्तर जि़ले के ग्राम चिलकुटी के दौरे के दौरान उन्होंने पारंपरिक कला एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर रक्षा खडसे ने विशेष रूप से पारंपरिक लॉस्ट वैक्स तकनीक (ढोकरा शिल्प) को निकट से देखा, जो आदिवासी कला और शिल्प कौशल की एक अद्वितीय पहचान है। उन्होंने कहा कि यह परंपरा केवल कला नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक स्मृति और स्थानीय कारीगरों की जीवंत विरासत का सशक्त प्रतीक है। कार्यक्रम के दौरान रक्षा खडसे ने महिला उद्यमियों एवं स्थानीय कारीगरों से संवाद किया और उनके कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें आगे बढऩे के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्व-सहायता समूहों तथा पारंपरिक शिल्प के माध्यम से हो रहा यह परिवर्तन महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास और समावेशी आर्थिक वृद्धि का एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभर रहा है। इस अवसर पर खेलों इंडिया के संचालक मयंक श्रीवास्तव कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, एसडीएम बस्तर गगन शर्मा उपस्थित रहे।

Reporter 

