रायपुर। बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया मौसमी सिस्टम अब छत्तीसगढ़ के मौसम पर असर डालने लगा है। इसके चलते प्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर तेज होने के आसार हैं। 10 सितंबर से कई इलाकों में बादल बरस सकते हैं, वहीं कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली का खतरा भी रहेगा। मौसम विभाग ने इसे देखते हुए प्रदेश के 27 जिलों के कुछ हिस्सों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
पिछले 24 घंटों में भी प्रदेश के कई इलाकों में बारिश रिकॉर्ड की गई है। हालांकि, अब तक राज्य में मौसमी बारिश सामान्य से 6 प्रतिशत कम है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर भारी वर्षा के साथ गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। इस दौरान कई इलाकों में तेज हवाएं चलने की भी संभावना है
मौसम खराब होने के दौरान खासतौर पर खुले इलाकों में सावधानी बरतने की जरूरत होगी। बिजली चमकने की स्थिति में पेड़ या खुले स्थान के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है।
मौसम विभाग ने 10 सितंबर को सुबह 7:15 बजे जिला स्तरीय नाउकास्ट जारी किया है। यह चेतावनी सुबह 10:15 बजे तक प्रभावी रहेगी। इसके मुताबिक कई जिलों में हल्की आंधी के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।
जिन जिलों के कुछ हिस्सों के लिए अलर्ट जारी किया गया है, उनमें सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर शामिल हैं।
इन इलाकों में हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
राजधानी रायपुर में आज आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। शहर में बारिश के साथ गरज-चमक और अंधड़ चलने की संभावना जताई गई है।
रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। बुधवार को राजधानी में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान पेण्ड्रा रोड में रिकॉर्ड हुआ, जहां पारा 21.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। पाली (कोरबा) में 4 सेमी बारिश दर्ज की गई, जो इस अवधि में सबसे अधिक रही। वहीं बिलासपुर के बेलगहना में 3 सेमी वर्षा रिकॉर्ड हुई।
इसके अलावा हरदीबाजार (कोरबा) और नेरहरपुर (कांकेर) में 2-2 सेमी बारिश हुई। सकरी और कोटा (बिलासपुर), घुमका (राजनांदगांव), जशपुरनगर (जशपुर) और छिंदगढ़ (सुकमा) में 1-1 सेमी वर्षा दर्ज की गई।
मौसम में बदलाव की बड़ी वजह बंगाल की खाड़ी में बन रहा मौसमी सिस्टम है। मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उससे लगे बांग्लादेश तट के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। यह समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है।
इसके प्रभाव से 10 सितंबर को उत्तरी बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके अलावा मानसून द्रोणिका भी जम्मू, देहरादून, पंतनगर, बस्ती, छपरा, पुरुलिया और दीघा होते हुए पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों के बाद भी प्रदेश में बारिश का सिलसिला बना रह सकता है। इस दौरान अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं एक-दो जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
गरज-चमक और वज्रपात की संभावना को देखते हुए लोगों को मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खासकर येलो अलर्ट वाले जिलों में स्थानीय मौसम की जानकारी पर नजर रखना जरूरी होगा।

